नात लिरिक्स

Apne Hi Nahin Jo Nabiyon Ke Sardar Ki Baatein Karte Hain

अपने ही नहीं जो नबियों के सरदार की बातें करते हैं

नात ख़्वान: अब्दुल बासित हस्सानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अपने ही नहीं जो नबियों के सरदार की बातें करते हैंदुश्मन भी मेरे आक़ा के किरदार की बातें करते हैं

वो होंगे और जो जन्नत के गुलज़ार की बातें करते हैंहम हैं आक़ा के दीवाने, सरकार की बातें करते हैं

दुश्मन भी मेरे आक़ा के किरदार की बातें करते हैं

ये शौक़ मुझे मजबूर करे, मैं उन के नाम पे बिक जाऊँजब लोग कहीं भी तयबा के बाज़ार की बातें करते हैं

दुश्मन भी मेरे आक़ा के किरदार की बातें करते हैं

हर सिम्त जमाल है आक़ा का, जा कर तो देखो मदीने मेंतयबा के दर-ओ-दीवार सभी सरकार की बातें करते हैं

दुश्मन भी मेरे आक़ा के किरदार की बातें करते हैं

इक रोज़ होगा जाना सरकार की गली मेंहोगा वहीं ठिकाना सरकार की गली में

दिल में नबी की यादें, लब पर नबी की ना'तेंजाना तो ऐसे जाना सरकार की गली में

इक रोज़ होगा जाना सरकार की गली मेंइक रोज़ होगा जाना सरकार की गली में

रौज़े को देखने को आँखें ही मुज़्तरिब थींदिल भी हुआ रवाना सरकार की गली में

इक रोज़ होगा जाना सरकार की गली मेंइक रोज़ होगा जाना सरकार की गली में

आँखों के सामने आ जाएँ सब जल्वे गुंबद-ए-ख़ज़रा केजब लोग उन के प्यारे प्यारे दरबार की बातें करते हैं

दुश्मन भी मेरे आक़ा के किरदार की बातें करते हैं

वश्शम्स कहीं, वल्लैल कहीं, वल-फ़ज्र कहीं पे फ़रमा करक़ुरआन में रब्ब-ए-त'आला भी ख़ुद यार की बातें करते हैं

दुश्मन भी मेरे आक़ा के किरदार की बातें करते हैं

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