नात लिरिक्स

Apne Halat Ko Main Bataun Kise Tere Hote Hue Khwaja-e-Khwajgan

अपने हालात को मैं बताऊँ किसे तेरे होते हुए ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ

नात ख़्वान: मुईनुद्दीन बुलबुल-ए-मुस्तजाबशायर: सय्यिद मुहम्मद अशरफ़ अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अपने हालात को मैं बताऊँ किसे तेरे होते हुए, ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ !दुख भरी दास्ताँ मैं सुनाऊँ किसे तेरे होते हुए, ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ !

तेरे मय-ख़ाने से जाम पी कर के मैं मस्त ऐसा हुआ, लोग हैरान थेकैफ़ियत दिल की अपने दिखाऊँ किसे तेरे होते हुए, ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ !

एहतिराम करो सारे 'उश्शाक़ का ये कहा है बुर्ज़ुर्गों ने लेकिन सुनोएक दिल है मैं उस दिल में लाऊँ किसे तेरे होते हुए, ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ !

मेरे अशरफ़ पिया का करम ही तो है, जो ग़ुलामी मिली तेरे दर की मुझेदिल में तेरे सिवा मैं बसाऊँ किसे तेरे होते हुए, ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ !

कितना है मस्त अशरफ़ तेरे 'इश्क़ में, सुनता है ही नहीं वो किसी की सदाबस वो कहता है इस दिल में लाऊँ किसे तेरे होते हुए, ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ !

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