नात लिरिक्स

Aalam Ke Hain Dulare Pyare Hamare Aaqa

आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ज़ैद आफ़ताबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

जूद-ओ-सख़ा के पैकर, सारे जहाँ के दिलबरदुखियों के हैं सहारे प्यारे हमारे आक़ा

हर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

ज़ुल्मत भी मिट गई है, दुनिया सँवर गई हैदुनिया में जैसे आए प्यारे हमारे आक़ा

हर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

तख़्लीक़-ए-दो-जहाँ का वाहिद सबब नबी हैंये आप ही के सदक़े, प्यारे हमारे आक़ा !

हर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

जैसे ही हाज़िरी हो, आक़ा के शहर-ए-तयबाहर दिल यही पुकारे प्यारे हमारे आक़ा

हर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

हाथों से अब पिला दो, कह देंगे जा के उन सेजब हौज़ पर रहेंगे प्यारे हमारे आक़ा

हर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

सानी नहीं है जैसे रब का कोई भी, शाफ़ी !ऐसे ही मुनफ़रिद हैं प्यारे हमारे आक़ा

हर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

'आलम के हैं दुलारे प्यारे हमारे आक़ाहर एक दिल को भाए प्यारे हमारे आक़ा

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