उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zindagi ka lutf bhi aa jaega

ज़िंदगी का लुत्फ़ भी आ जाएगा

زندگی کا لطف بھی آ جائے گا

शायर: Hafeez Jalandhari7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़िंदगी का लुत्फ़ भी आ जाएगा
ज़िंदगानी है तो देखा जाएगा

जिस तरह लकड़ी को खा जाता है घुन
रफ़्ता रफ़्ता ग़म मुझे खा जाएगा

हश्र के दिन मेरी चुप का माजरा
कुछ न कुछ तुम से भी पूछा जाएगा

मुस्कुरा कर मुँह चिड़ा कर घूर कर
जा रहे हो ख़ैर देखा जाएगा

कर दिया है तुम ने दिल को मुतमइन
देख लेना सख़्त घबरा जाएगा

हज़रत-ए-दिल काम से जाऊँगा मैं
दिल-लगी में आप का क्या जाएगा

दोस्तों की बेवफ़ाई पर 'हफ़ीज़'
सब्र करना भी मुझे आ जाएगा