उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yun taghaful nahin kiya hoga

यूँ तग़ाफ़ुल नहीं किया होगा

یوں تغافل نہیں کیا ہوگا

शायर: Ummaan Husain5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यूँ तग़ाफ़ुल नहीं किया होगा
दर्द में दिल ही मुब्तला होगा

ज़िक्र गुलशन में जब मिरा होगा
रंग गुल का उड़ा उड़ा होगा

कोई दुल्हन कहीं सजी होगी
कोई मातम कहीं बपा होगा

सुर्ख़ जोड़े में उस को देखा है
आख़िर अंजाम दिल का क्या होगा

आज 'उम्मान' कितने ख़ाली हैं
कोई दिल से उतर गया होगा