उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye raushan nigahen chamakdar chehre

ये रौशन निगाहें चमकदार चेहरे

یہ روشن نگاہیں چمکدار چہرے

शायर: Hafiz Karnataki6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये रौशन निगाहें चमकदार चेहरे
हैं बातिन की रंगत का इज़हार चेहरे

झलक जिन की दीवाना कर दे दिलों को
वो लाखों में होते हैं दो चार चेहरे

तुम्हें क्या ख़बर ऐ फ़लक के मकीनो
ज़मीं पर हैं कितने मज़ेदार चेहरे

वही राज करते हैं सब के दिलों पर
बदन पर हों जिन के असर-दार चेहरे

उन्हें देखना चाहता ही नहीं दिल
मुक़ाबिल जब आते हैं मक्कार चेहरे

उन्हें अपने शे'रों में ढाला है 'हाफ़िज़'
जो हैं दाद-ओ-तहसीँ के हक़दार चेहरे