उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aadmi nur hai

आदमी नूर है

آدمی نور ہے

शायर: Hafiz Karnataki7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आदमी नूर है
जल्वा-ए-तूर है

रब है मुख़्तार-ए-कुल
बंदा मजबूर है

नश्शा-ए-हिर्स में
हर कोई चूर है

सालिहों के लिए
वादा-ए-हूर है

क्या है सेहुनियत
एक नासूर है

मुग़्लिया सल्तनत
अज़्म-ए-तैमूर है

'हाफ़िज़' इंसान से
ज़िंदगी दूर है