उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankh ke tare TuT gae

आँख के तारे टूट गए

آنکھ کے تارے ٹوٹ گئے

शायर: Hafiz Karnataki5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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आँख के तारे टूट गए
ख़्वाब हमारे टूट गए

कल मौजों में जंग हुई
और किनारे टूट गए

क़तरा क़तरा बर्फ़ बना
और फ़व्वारे टूट गए

मेरी पलकों से गिर के
आँसू सारे टूट गए

'हाफ़िज़' वक़्त बुरा आया
देख सहारे टूट गए