उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aql se kaam kar

अक़्ल से काम कर

عقل سے کام کر

शायर: Hafiz Karnataki7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अक़्ल से काम कर
दहर में नाम कर

मैं ने देखा उसे
अपना दिल थाम कर

क़ौम का हो भला
ऐसा इक़दाम कर

अपना हर रंज-ओ-ग़म
तू मिरे नाम कर

ज़िंदगी है यही
सुब्ह से शाम कर

मोल अपना बढ़ा
मुझ को बे-दाम कर

देर 'हाफ़िज़' न हो
जल्द हर काम कर