उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo mere dil mein yun sama ke gai

वो मिरे दिल में यूँ समा के गई

وہ مرے دل میں یوں سما کے گئی

शायर: Naeem Zarrar Ahmad4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो मिरे दिल में यूँ समा के गई
लाख चाहा मगर न जा के गई

रात ग़म की कटे नहीं कटती
सुब्ह इक पल में मुस्कुरा के गई

मान टूटे तो फिर नहीं जुड़ता
बद-गुमानी कभी न आ के गई

ऐ 'नईम' अब न वापसी होगी
बारहा ज़िंदगी बता के गई