उर्दू शायरी · ग़ज़ल

faisla ho gaya hai raat gae

फ़ैसला हो गया है रात गए

فیصلہ ہو گیا ہے رات گئے

शायर: Naeem Zarrar Ahmad5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फ़ैसला हो गया है रात गए
लौटने वो गया है रात गए

वो सहर का सफ़ीर था शायद
रौशनी बो गया है रात गए

इश्क़ तू भी ज़रा टिका ले कमर
दिल भी अब सो गया है रात गए

वक़्त काँटे नए बिछाएगा
रास्ते धो गया है रात गए

चैन पड़ता नहीं 'नईम' तुझे
जाने क्या खो गया है रात गए