उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo kab aaen KHuda jaane sitaro tum to so jao

वो कब आएँ ख़ुदा जाने सितारो तुम तो सो जाओ

وہ کب آئیں خدا جانے ستارو تم تو سو جاؤ

शायर: Qabil Ajmeri6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो कब आएँ ख़ुदा जाने सितारो तुम तो सो जाओ
हुए हैं हम तो दीवाने सितारो तुम तो सो जाओ

कहाँ तक मुझ से हमदर्दी कहाँ तक मेरी ग़म-ख़्वारी
हज़ारों ग़म हैं अनजाने सितारो तुम तो सो जाओ

गुज़र जाएगी ग़म की रात उम्मीदो तो जाग उट्ठो
सँभल जाएँगे दीवाने सितारो तुम तो सो जाओ

हमें रूदाद-ए-हस्ती रात भर में ख़त्म करनी है
न छेड़ो और अफ़्साने सितारो तुम तो सो जाओ

हमारे दीदा-ए-बे-ख़्वाब को तस्कीन क्या दोगे
हमें लूटा है दुनिया ने सितारो तुम तो सो जाओ

उसे 'क़ाबिल' की चश्म-ए-नम से देरीना तअ'ल्लुक़ है
शब-ए-ग़म तुम को क्या जाने सितारो तुम तो सो जाओ