उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo dil hai hech dard-e-mohabbat agar na ho

वो दिल है हेच दर्द-ए-मोहब्बत अगर न हो

وہ دل ہے ہیچ درد محبت اگر نہ ہو

शायर: Maharaja Sir Kishan Parashad Shad6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो दिल है हेच दर्द-ए-मोहब्बत अगर न हो
किस काम का वो दर्द अगर चश्म तर न हो

काबा हो या कि दैर हो वो या कुनिश्त हो
वीराँ वो घर है जिस में कि तेरा गुज़र न हो

फ़रियाद ही नहीं है ये बेताबी-ए-फ़िराक़
मुमकिन नहीं कि नाले में मेरे असर न हो

आते हो दिल में तुम मिरी आँखों की राह से
तदबीर ख़ूब है कि किसी को ख़बर न हो

मशग़ूल-ए-ज़िक्र चाहिए हर दम रहे ये दिल
इक लम्हा उस की याद से तू बे-ख़बर न हो

चाहे ज़माना 'शाद' से रूठे नहीं ख़तर
सारा जहाँ हो इस का अदू तू मगर न हो