उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo dekhne mein faqat raste ka patthar hai

वो देखने में फ़क़त रास्ते का पत्थर है

وہ دیکھنے میں فقط راستے کا پتھر ہے

शायर: Chander Wahid5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो देखने में फ़क़त रास्ते का पत्थर है
हज़ार राहबरों से मगर वो बेहतर है

समय कुम्हार है जो चाक पर नचाता है
ये ज़िंदगी तो सुराही का नाचना भर है

जो ख़ाली हाथ है आया वो क्या ख़रीदेगा
इसे तो दुनिया के मेले को देखना भर है

ये देखना है कि जीतेगा कौन बाज़ी को
मुक़ाबले में मिरा घर है और महशर है

ग़मों की आग से ख़ुद को ज़रा बचा रखना
कि जिस में रहते हो 'वाहिद' वो मोम का घर है