उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri rahon mein tere naqsh-e-qadam rahne de

मेरी राहों में तिरे नक़्श-ए-क़दम रहने दे

میری راہوں میں ترے نقش قدم رہنے دے

शायर: Chander Wahid5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरी राहों में तिरे नक़्श-ए-क़दम रहने दे
मुझ पे लिल्लाह महज़ इतना करम रहने दे

टूटे दीपक को हटा मत तू मिरे आगे से
मेरी नज़रों को उजाले का भरम रहने दे

अक्स अपना कोई देखे है मिरे अश्कों में
और कुछ देर मिरी आँखों को नम रहने दे

शाइ'र-ए-वक़्त हक़ीक़त में वही होता है
अपने शे'रों में जो दुश्वारियाँ कम रहने दे

वो न भूले से भी देखेंगे तुझे ऐ 'वाहिद'
उन की नज़रों से ये उमीद-ए-करम रहने दे