उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo chingariyon ko hawa de gaya

वो चिंगारियों को हवा दे गया

وہ چنگاریوں کو ہوا دے گیا

शायर: Ghayas Mateen5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो चिंगारियों को हवा दे गया
समुंदर था लेकिन ये क्या दे गया

मैं जलते चराग़ों की साँसों में हूँ
कोई जागने की दुआ दे गया

शिकारी बड़ा शो'बदा-बाज़ था
परिंदों को इक आइना दे गया

मैं मक़्ता पे पहुँचा तो वो रो पड़ा
मुझे शायरी का सिला दे गया

बड़ी धूप थी घर के बाहर 'मतीन'
मगर वो शजर आसरा दे गया