उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo abhi uDan mein hai kya

वो अभी उड़ान में है क्या

وہ ابھی اڑان میں ہے کیا

शायर: Zafar Tabish6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो अभी उड़ान में है क्या
अब भी इम्तिहान में है क्या

बार बार चौंकता हूँ मैं
कोई इस मकान में है क्या

ऐ ख़ुदा तू ही तो है मिरा
तू भी आसमान में है क्या

एक पल जो मुझ से खो गया
वो तिरी अमान में है क्या

डर रहा था बारिशों से जो
अब भी साएबान में है क्या

मैं अभी तलक मरा नहीं
तीर अभी कमान में है क्या