उर्दू शायरी · ग़ज़ल

waqt ka silsila nahin rukta

वक़्त का सिलसिला नहीं रुकता

وقت کا سلسلہ نہیں رکتا

शायर: Naeem Zarrar Ahmad4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वक़्त का सिलसिला नहीं रुकता
लाख रोको ज़रा नहीं रुकता

ये ज़मीं है ख़ुदाओं का मदफ़न
आदम-ए-कज-अदा नहीं रुकता

इश्क़ वो चार सू सफ़र है जहाँ
कोई भी रास्ता नहीं रुकता

रफ़्तगाँ आईना दिखाता है
कुछ भी हो इर्तिक़ा नहीं रुकता