उर्दू शायरी · ग़ज़ल

usne kaha kaba tera maine kaha chehra tera

उस ने कहा का'बा तिरा मैं ने कहा चेहरा तिरा

اس نے کہا کعبہ ترا میں نے کہا چہرا ترا

शायर: Maharaja Sir Kishan Parashad Shad8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस ने कहा का'बा तिरा मैं ने कहा चेहरा तिरा
उस ने कहा चेहरा तिरा मैं ने कहा जल्वा तिरा

उस ने कहा जीना तिरा मैं ने कहा हस्ती तिरी
उस ने कहा मरना तिरा मैं ने कहा पर्दा तिरा

उस ने कहा क्या काम है मैं ने कहा हर वक़्त दीद
उस ने कहा क्या शग़्ल है मैं ने कहा सौदा तिरा

उस ने कहा क्या कुफ़्र है मैं ने कहा गेसू तिरे
उस ने कहा इस्लाम क्या मैं ने कहा चेहरा तिरा

उस ने कहा दिल क्या हुआ मैं ने कहा तू ने लिया
उस ने कहा क्या चोर हूँ मैं ने कहा ग़म्ज़ा तिरा

उस ने कहा मंदिर है क्या मैं ने कहा तू ही तो है
उस ने कहा क़िस्मत तिरी मैं ने कहा मंशा तिरा

उस ने कहा ख़िदमत तिरी मैं ने कहा है बंदगी
उस ने कहा है नाम क्या मैं ने कहा बंदा तिरा

उस ने कहा वो कौन था ख़ल्वत में ख़्वाहान-ए-विसाल
मैं ने कहा ये 'शाद' था आशिक़ तिरा शैदा तिरा