उर्दू शायरी · ग़ज़ल

usne bhi KHud ko be-kanar kiya

उस ने भी ख़ुद को बे-कनार किया

اس نے بھی خود کو بے کنار کیا

शायर: Naeem Raza Bhatti6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस ने भी ख़ुद को बे-कनार किया
जिस का साहिल ने इंतिज़ार किया

आइने में सुलग रहा था लहू
फिर भी हैरत का दिल शुमार किया

कोरा होने से पेशतर मैं ने
एक इक रंग इख़्तियार किया

मेरी दीवानगी भरोसा रख
मैं ने पानी को भी ग़ुबार किया

मैं कहीं भी पहुँच नहीं पाया
क्यूँकि साए को रहगुज़ार किया

तुम भी मसरूफ़ हो रहे हो 'रज़ा'
तुम ने भी इश्क़ इख़्तियार किया