उर्दू शायरी · ग़ज़ल

uske kuche mein gaya main so phir aaya na gaya

उस के कूचे में गया मैं सो फिर आया न गया

اس کے کوچہ میں گیا میں سو پھر آیا نہ گیا

शायर: Ghamgeen Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस के कूचे में गया मैं सो फिर आया न गया
मैं वहाँ आप को ढूँडा तो मैं पाया न गया

गुम हुआ दिल मिरे पहलू से कि पाया न गया
शायद उस कूचे में जा उस से फिर आया न गया

दम-ब-ख़ुद हो के मुआ उस की नज़ाकत के सबब
आह-ओ-नाला भी मुझे उस को सुनाया न गया

उस ने इक रोज़ में सौ बार रुलाया मुझ को
मुझ से पर उस बुत-ए-ख़ुश-ख़ू को मनाया न गया

बाद इक उम्र के क्या तुझ से कहूँ ऐ 'ग़मगीं'
हाल-ए-दिल उस ने जो पूछा तो सुनाया न गया