उर्दू शायरी · ग़ज़ल

urdu key shairi hai to hogi ye baat bhi

उर्दू की शाइ'री है तो होगी ये बात भी

اردو کی شاعری ہے تو ہوگی یہ بات بھی

शायर: Raakesh ulfat7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उर्दू की शाइ'री है तो होगी ये बात भी
इल्म-ए-अरूज़ भी है रुमूज़-ओ-निकात भी

यूँ ही गुज़र न जाए मिलन की ये रात भी
आओ कि अब तो कर लें कोई अपनी बात भी

तुम अपनी मुस्कुराहटें खोना नहीं कभी
गुम-गश्ता हो न जाए मिरी काएनात भी

हम पर करम है आप की तशरीफ़-आवरी
अब इल्तिमास है कि रहे इल्तिफ़ात भी

छोटे किसान हैं कि मरे जा रहें रोज़
हालत पे अपनी रो रही है शाम-लात भी

क्या मेरा नाम काफ़ी नहीं है कि आप अब
मुझ से ये कह रहे हैं लिखूँ अपनी ज़ात भी

कुछ नेकियाँ कमाने की जल्दी हमें भी है
ना-क़ाबिल-ए-यक़ीं है हमारी हयात भी