उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tu jo anjaan hai

तू जो अंजान है

تو جو انجان ہے

शायर: Sabihuddin Shoaiby8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू जो अंजान है
मेरी पहचान है

रात सुनसान है
दिल परेशान है

तेरे बिन ज़िंदगी
कैसी वीरान है

ये जो मुस्कान है
हश्र सामान है

दिल का जो चोर है
दिल का मेहमान है

कैसा ज़ीशान है
तेरा दरबान है

चारागर इक नज़र
अब चली जान है

ये निगाह-ए-करम
मुझ पे एहसान है