उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chanda bola pichhli raat

चंदा बोला पिछली रात

چندا بولا پچھلی رات

शायर: Sabihuddin Shoaiby6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चंदा बोला पिछली रात
आ जा प्यारे चर्ख़ा कात

एक ख़याल का दूल्हा है
पीछे लफ़्ज़ों की बारात

दिल का खेल मुक़ाबिल जान
हँस कर मैं ने खाई मात

आज मिला ऐसे कोई
जैसे बिन बादल बरसात

इक दूजे को दें इल्ज़ाम
शायद यूँ बदलें हालात

ख़ुशियाँ भी यूँ मिलती हैं
जैसे नाज़िल हों आफ़ात