उर्दू शायरी · ग़ज़ल

girne wali hai bahut jald ye sarkar huzur

गिरने वाली है बहुत जल्द ये सरकार हुज़ूर

گرنے والی ہے بہت جلد یہ سرکار حضور

शायर: Sabihuddin Shoaiby5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गिरने वाली है बहुत जल्द ये सरकार हुज़ूर
हाँ नज़र आते हैं ऐसे ही कुछ आसार हुज़ूर

कारवाँ यूँही भटकता रहे हर बार हुज़ूर
नेक निय्यत न हों गर क़ाफ़िला-ए-सालार हुज़ूर

वो जो अज़-ख़ुद ही बने बैठे हैं सरदार हुज़ूर
वक़्त इक दिन उन्हें लाएगा सर-ए-दार हुज़ूर

ख़ुद को देते हैं वो धोका यूँही बे-कार हुज़ूर
जो ख़ताओं का नहीं करते हैं इक़रार हुज़ूर

सामने आ कै रहे सच सर-ए-बाज़ार हुज़ूर
कोई कितना ही करे झूट का प्रचार हुज़ूर