उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumhaari yaad mein roen na jab tak

तुम्हारी याद में रोएँ न जब तक

تمہاری یاد میں روئیں نہ جب تک

शायर: Gaurav Trivedi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम्हारी याद में रोएँ न जब तक
मज़ा आता नहीं जीने का तब तक

तुम्हें हम खो चुके हैं जानते हैं
मगर खोने का डर रहता है अब तक

किसे परवाह थी दुनिया की जानाँ
तुम्हारे साथ हम रहते थे जब तक

तुम्हारे बिन नहीं मंज़ूर कुछ भी
तुम्हीं कह दो रहूँ तन्हा मैं कब तक

मैं तुम को बंद में दोहरा रहा हूँ
तुम्हें ले आ रहे हैं गीत लब तक