उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumhaare ghar pe main aa to nahin raha mere dost

तुम्हारे घर पे मैं आ तो नहीं रहा मिरे दोस्त

تمہارے گھر پہ میں آ تو نہیں رہا مرے دوست

शायर: Paras Mazari6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम्हारे घर पे मैं आ तो नहीं रहा मिरे दोस्त
घुमा फिरा के बताओ न रास्ता मिरे दोस्त

हवा हो गर्म कि ठंडी पसीना सूखता है
वो मेरा दोस्त है अच्छा है या बुरा मिरे दोस्त

बिछड़ते वक़्त ज़रूरत नहीं होई महसूस
और अब न राब्ता नंबर न राब्ता मिरे दोस्त

मैं यूँ तो एक मोहब्बत के क़ाएलीन में था
तुझे मिला तो रहा ही नहीं गया मिरे दोस्त

हमारी आँख में क़ुव्वत है रंग चखने की
हमारी आँख बताती है ज़ाइक़ा मिरे दोस्त

पुराने गीत में शामिल किए हैं साज़ नए
सुख़न में इतना तो हिस्सा रहा मिरा मिरे दोस्त