उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujhe ye kaise bataun azab kitne the

तुझे ये कैसे बताऊँ 'अज़ाब कितने थे

تجھے یہ کیسے بتاؤں عذاب کتنے تھے

शायर: Nafas Ambalvi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझे ये कैसे बताऊँ 'अज़ाब कितने थे
मिरी नज़र के मुक़ाबिल सराब कितने थे

ये हश्र में मिरे आ'माल ही बताएँगे
गुनाह कितने थे मेरे सवाब कितने थे

तुझे ख़बर ही कहाँ है कि इन अँधेरों में
हथेलियों पे मिरी आफ़्ताब कितने थे

लहू-लहू था बदन मैं हिसाब क्या रखता
चमन में ख़ार थे कितने गुलाब कितने थे

शिकस्ता-पाई मिरा हासिल-ए-सफ़र तो बता
मैं जब चला था तो आँखों में ख़्वाब कितने थे

मैं एक जुगनू कि तारीकियों से लड़ता हुआ
तुम्हारे रुख़ पे मगर आफ़्ताब कितने थे

हुज़ूर अपनी तरफ़ भी ज़रा निगाह करें
कि 'ऐब आप में ‘आली-जनाब कितने थे

मिले जो लोग 'नफ़स' मुझ को बा-ख़ुलूस मिले
मैं क्या कहूँ कि अब उन में ख़राब कितने थे