उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujhko aasan nahin bhula dena

तुझ को आसाँ नहीं भुला देना

تجھ کو آساں نہیں بھلا دینا

शायर: Tahira Jabeen Tara4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझ को आसाँ नहीं भुला देना
ज़ख़्म-ए-दिल दिल में ही दबा देना

थक गए तेरे आबला-पा अब
'उम्र की मत हमें दु'आ देना

कब किया 'अद्ल मुंसिफ़ों ने यहाँ
और मज़लूम को दबा देना

'तारा' दुनिया में जी नहीं लगता
जाने वालो हमें भुला देना