उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tere hi sath mere yar hai meri duniya

तिरे ही साथ मिरे यार है मिरी दुनिया

ترے ہی ساتھ مرے یار ہے مری دنیا

शायर: Raakesh ulfat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तिरे ही साथ मिरे यार है मिरी दुनिया
तिरे बग़ैर तो बे-कार है मिरी दुनिया

नशा शराब का बिल्कुल मुझे पसंद नहीं
सुरूर-ए-इश्क़ से सरशार है मिरी दुनिया

दिखाई देते नहीं उन को मेरे वीराने
वो सोचते हैं कि गुलज़ार है मिरी दुनिया

मैं नफ़रतों में रहूँगा तो मर ही जाऊँगा
ये मेरी दुनिया नहीं प्यार है मिरी दुनिया

तुझे भी इल्म है 'उल्फ़त' कि सिर्फ़ दिन हैं मिरे
हर एक रात तो बाज़ार है मिरी दुनिया