उर्दू शायरी · ग़ज़ल

teri aankhon ke do sitare the

तेरी आँखों के दो सितारे थे

تیری آنکھوں کے دو ستارے تھے

शायर: Naeem Zarrar Ahmad4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेरी आँखों के दो सितारे थे
जिन पे हम दो जहान हारे थे

सारी तारीफ़ थी उसे ज़ेबा
जितने बोहतान थे हमारे थे

जितनी आँखें थीं सारी मेरी थीं
जितने मंज़र थे सब तुम्हारे थे

दिन वही उम्र भर का हासिल हैं
जो तिरी याद में गुज़ारे थे