उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tera dil bhi mere dil jaisa agar ho jae

तेरा दिल भी मिरे दिल जैसा अगर हो जाए

تیرا دل بھی مرے دل جیسا اگر ہو جائے

शायर: Raakesh ulfat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेरा दिल भी मिरे दिल जैसा अगर हो जाए
कितना आसाँ मिरे जीवन का सफ़र हो जाए

मैं ने हर बार यही सोच के कोशिश की है
शायद इस बार तिरी मुझ पे नज़र हो जाए

उस का वा'दा है वो कल सुब्ह मिलेगी मुझ से
दिल ये करता है कि जल्दी से सहर हो जाए

मेरी हसरत है उसे बाहोँ में भर लेने की
काश अब के वो जब आए तो जिगर हो जाए

वो जहाँ ठहरे वहीं मेरे लिए मंज़िल हो
उस के क़दमों के निशाँ मेरे डगर हो जाए