उर्दू शायरी · ग़ज़ल

surKH lawe ki tarah tap ke nikharna sikho

सुर्ख़ लावे की तरह तप के निखरना सीखो

سرخ لاوے کی طرح تپ کے نکھرنا سیکھو

शायर: Yaqoob Rahi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सुर्ख़ लावे की तरह तप के निखरना सीखो
सूखी धरती की दरारों से उभरना सीखो

सीना-ए-दश्त में रह रह के उतरते जाओ
या फिर आँधी की तरह खुल के गुज़रना सीखो

कोहसारों पे चढ़ो अब्र-ए-रवाँ की सूरत
आबशारों की तरह गिर के बिखरना सीखो

मक़्तल-ए-शहर में जब हर्फ़-ए-वफ़ा खो जाए
तुम किसी चीख़ की मानिंद उभरना सीखो