उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dard us ka ubhar raha hoga

दर्द उस का उभर रहा होगा

درد اس کا ابھر رہا ہوگا

शायर: Yaqoob Rahi3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दर्द उस का उभर रहा होगा
सारा नश्शा उतर रहा होगा

बंद आँखों की सर्द झीलों में
अक्स उस का सँवर रहा होगा

रात से सुल्ह हो रही होगी
उस का एहसास मर रहा होगा