उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sochna bhi ajib aadat hai

सोचना भी 'अजीब 'आदत है

سوچنا بھی عجیب عادت ہے

शायर: Vikas Rana3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सोचना भी 'अजीब 'आदत है
ये भी तो सोचने की सूरत है

अब मुझे आप छोड़ जाइएगा
अब मुझे आप की ज़रूरत है

मेरी सिगरेट पे ए'तिराज़ तो हैं
क्या मुझे चूमने की हसरत है