उर्दू शायरी · ग़ज़ल

koi lega nahin badla hamara

कोई लेगा नहीं बदला हमारा

کوئی لے گا نہیں بدلا ہمارا

शायर: Vikas Rana4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कोई लेगा नहीं बदला हमारा
हमीं को क़त्ल है करना हमारा

निछावर जान भी है उस पे करनी
अभी तय भी नहीं मरना हमारा

हमारे होंट के सहरा तुम्हारे
तुम्हारी आँख का दरिया हमारा

अभी इक शे'र कहना रह गया है
अभी निकला नहीं काँटा हमारा