उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bas apne aap mein uljha hua hai

बस अपने आप में उलझा हुआ है

بس اپنے آپ میں الجھا ہوا ہے

शायर: Vikas Rana3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बस अपने आप में उलझा हुआ है
उसे कह दो कि शे'र अच्छा हुआ है

समुंदर की चटाई खींच लो अब
बहुत दिन से यहीं बैठा हुआ है

बुना था तुम ने पिछली सर्दियों में
ये मैं ने हिज्र जो पहना हुआ है