उर्दू शायरी · ग़ज़ल

simaT aae hain ghar mein virane

सिमट आए हैं घर में वीराने

سمٹ آئے ہیں گھر میں ویرانے

शायर: Hafeez Jalandhari4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सिमट आए हैं घर में वीराने
तू किधर जा रहा है दीवाने

दोस्ती अब गले का हार नहीं
तार टूटा बिखर गए दाने

सुब्ह-दम अपनी अपनी राह लगे
शम' के जाँ-निसार परवाने

ज़िंदगी से निपट रहा हूँ अभी
मौत क्या है मिरी बला जाने