उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sard mausam mein pasina nikla

सर्द मौसम में पसीना निकला

سرد موسم میں پسینہ نکلا

शायर: Kailash Jha Kinkar3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सर्द मौसम में पसीना निकला
यार मुश्किल से महीना निकला

जान जोखिम में हमेशा रहती
जीने का कैसा क़रीना निकला

हाथ फैलाता रहा जो अब तक
उस के घर से ही दफ़ीना निकला