उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi kisi ki kamal duniya

किसी किसी की कमाल दुनिया

کسی کسی کی کمال دنیا

शायर: Kailash Jha Kinkar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी किसी की कमाल दुनिया
बसी हुई है विशाल दुनिया

उड़ेगी चिड़िया उड़ान भर कर
इधर करेगी वबाल दुनिया

बढ़े सफ़र में सँभल सँभल जो
उसी की होती निहाल दुनिया

क़दम क़दम पर यहाँ दलाली
बनी है जैसे दलाल दुनिया

हमीं ने ख़ूँ से चमन को सींचा
हमें ही करती हलाल दुनिया