उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sach hai tumko mila nahin hun main

सच है तुम को मिला नहीं हूँ मैं

سچ ہے تم کو ملا نہیں ہوں میں

शायर: Gaurav Trivedi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सच है तुम को मिला नहीं हूँ मैं
हाँ मगर गुम-शुदा नहीं हूँ मैं

मुझ से कुछ ग़लतियाँ तो होंगी ही
आदमी हूँ ख़ुदा नहीं हूँ मैं

आप को भूल ही नहीं पाया
क्या करूँ आप सा नहीं हूँ मैं

इस ज़माना के रंग हैं मुझ पर
वर्ना इतना बुरा नहीं हूँ मैं

सुन रहा हूँ मैं तेरी ख़ामोशी
दिल दुखा है मरा नहीं हूँ मैं