उर्दू शायरी · ग़ज़ल

saz-e-hayat qaid-o-salasil kahen kise

साज़-ए-हयात क़ैद-ओ-सलासिल कहें किसे

ساز حیات قید و سلاسل کہیں کسے

शायर: Ghayas Anjum5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

साज़-ए-हयात क़ैद-ओ-सलासिल कहें किसे
जब दिल ही बुझ गया हो तो फिर दिल कहें किसे

रूदाद-ए-ग़म तवील तो इतनी नहीं मगर
कोई कहाँ है मद्द-ए-मुक़ाबिल कहें किसे

बचते बचाते मौज-ए-हवादिस से आ के हम
साहिल पे डूब जाएँ तो साहिल कहें किसे

दस्त-ए-दुआ भी काट के अहबाब चल दिए
हाल-ए-दिल-ए-शिकस्ता में शामिल कहें किसे

'अंजुम' हमारा अहद है बहरूपियों का अहद
जो है नक़ाब-पोश है क़ातिल कहें किसे