उर्दू शायरी · ग़ज़ल

rah rahe hain makin shabon ke

रह रहे हैं मकीं शबों के

رہ رہے ہیں مکیں شبوں کے

शायर: Ejaz Gul5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

रह रहे हैं मकीं शबों के
क्या हुए ढेर सूरजों के

आँख में ख़्वाब मुंजमिद हैं
रंग बरसाओ हौसलों के

ख़ून से तय किए गए हैं
रास्ते ज़र्द मौसमों के

मक़्तलों से उठाए मैं ने
फूल से जिस्म दोस्तों के

ऐ ज़मीं तेरी अज़्मतों में
बह गए शहर वाहिमों के