शायर संग्रह
Vinay Shukla Mangal की ग़ज़लें
विनय शुक्ला मंगल के नाम से उपलब्ध 4 पाठ: 4 ग़ज़ल।
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غم کو دل سے لگا کے دیکھا ہے
gham ko dil se laga ke dekha hai
ग़ज़ल · Vinay Shukla Mangal
عشق جب روح میں اترتا ہے
ishq jab ruh mein utarta hai
ग़ज़ल · Vinay Shukla Mangal
عشق میں بے موت مارا جائے گا
ishq mein be-maut mara jaega
ग़ज़ल · Vinay Shukla Mangal
جہاں دیکھو وہاں پر آدمی ہے
jahan dekho wahan par aadmi hai
ग़ज़ल · Vinay Shukla Mangal