उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle samundaron mein utara gaya mujhe

पहले समुंदरों में उतारा गया मुझे

پہلے سمندروں میں اتارا گیا مجھے

शायर: Nafas Ambalvi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले समुंदरों में उतारा गया मुझे
फिर प्यास की हदों से गुज़ारा गया मुझे

देखा तो कुछ नहीं था वहाँ दश्त के सिवा
फिर भी लगा कि जैसे पुकारा गया मुझे

'उम्र-ए-रवाँ ने पूछ लिया मुझ से एक दिन
क्यों बे-दिली के साथ गुज़ारा गया मुझे

पहले वो मेरी मौत पे ख़ुद मुतमइन हुआ
फिर दार से ज़मीं पे उतारा गया मुझे

बाज़ी को जीतने की हवस में बिसात पर
अफ़्सोस जान-बूझ के हारा गया मुझे

यूँ ही मैं उस की बज़्म से उठ कर नहीं गया
दर-अस्ल पहले उस का इशारा गया मुझे

कुछ मैं भी तेज़-गाम नहीं था कुछ ऐ 'नफ़स'
पुर-ख़ार रास्तों से गुज़ारा गया मुझे