उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nind ke daere mein hazir hun

नींद के दाएरे में हाज़िर हूँ

نیند کے دائرے میں حاضر ہوں

शायर: Ejaaz tawakkal8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नींद के दाएरे में हाज़िर हूँ
ख़्वाब के रास्ते में हाज़िर हूँ

याद है इश्क़ था कभी मुझ से
मैं उसी सिलसिले में हाज़िर हूँ

आप मुझ में सँवरना चाहते हैं
लीजिए आइने में हाज़िर हूँ

तुम ख़सारा समझ रहे हो जिसे
मैं उसी फ़ाएदे में हाज़िर हूँ

मेरा होना नहीं मिरा होना
मैं फ़क़त देखने में हाज़िर हूँ

आप मंज़र-कशी करें आग़ाज़
मैं हर इक हाशिए में हाज़िर हूँ

तुम मुझे ख़ुद जलाना चाहती हो
ठीक है ताक़चे में हाज़िर हूँ

वो मुझे देखता है माज़ी में
या'नी बीते समय में हाज़िर हूँ