उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamein ye raaz sabhi ko batana hota hai

हमें ये राज़ सभी को बताना होता है

ہمیں یہ راز سبھی کو بتانا ہوتا ہے

शायर: Ejaaz tawakkal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमें ये राज़ सभी को बताना होता है
नए के बा'द ही कोई पुराना होता है

बिला-जवाज़ नहीं बोलता हूँ देर तलक
कि मैं ने बात को आगे बढ़ाना होता है

यूँही नहीं मिरी आँखों में अश्क लहराते
कि हर किसी ने मिरा दिल दुखाना होता है

ये मुंसिफ़ीन किसी को भी हक़ नहीं देते
ख़ुदा का फ़ैसला ही मुंसिफ़ाना होता है

ये दश्त वाले मियाँ हिज्र गुनगुनाते हैं
हर एक ख़ित्ते का क़ौमी तराना होता है

किसी को दे दी है तोहफ़े में यूसुफ़ी की किताब
कि हम ने कौनसा अब मुस्कुराना होता है

हमारी बात वगर्ना कोई नहीं सुनता
लिहाज़ा शोर तो हम ने मचाना होता है