उर्दू शायरी · ग़ज़ल

naqsh apna miTa diya kal shab

नक़्श अपना मिटा दिया कल शब

نقش اپنا مٹا دیا کل شب

शायर: Tabassum Zia5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नक़्श अपना मिटा दिया कल शब
दिल से उस को भुला दिया कल शब

जा लगा ग़ालिबन निशाने पर
तीर हम ने चला दिया कल शब

धुन नई ग़म की बज उठी फिर से
सुर से सुर को मिला दिया कल शब

साथ ली थी जो प्यार में हम ने
सेल्फ़ी ने रुला दिया कल शब

ले चला था हवा के जो रुख़ पर
बादबाँ वो जला दिया कल शब