उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bahr mein tum mile hum mile jis jagah

बहर में तुम मिले हम मिले जिस जगह

بحر میں تم ملے ہم ملے جس جگہ

शायर: Tabassum Zia4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बहर में तुम मिले हम मिले जिस जगह
नाख़ुदा क्या मिला ग़म मिले जिस जगह

ले चलो दूर इस शहर से दोस्तो
दर्द मुझ को ज़रा कम मिले जिस जगह

जान कह कर पुकारा था उस ने जहाँ
होंट इक दूजे में ज़म मिले जिस जगह

छोटा सा बच्चा था खेलता बाराँ में
हम सनम आँसू में नम मिले जिस जगह