उर्दू शायरी · ग़ज़ल

musibat ban na jae tez-raftari hamari

मुसीबत बन न जाए तेज़-रफ़्तारी हमारी

مصیبت بن نہ جائے تیز رفتاری ہماری

शायर: Nadim Nadeem5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मुसीबत बन न जाए तेज़-रफ़्तारी हमारी
अभी पूरी नहीं है यार तय्यारी हमारी

अकेले बैठते हैं और तुझ को सोचते हैं
हमारे काम आ जाती है बेकारी हमारी

तुम्हें हर दम कफ़-ए-अफ़सोस तो मलना पड़ेगा
अगर साबित भी हो जाए गुनहगारी हमारी

बदलते मौसमों का हाथ थामे चलने वालो
सुकूँ पहुँचाएगी तुम को शजर-कारी हमारी

हमें अब खा रहा है उस को दुख पहुँचाने का दुख
हमीं पर आ गिरी तलवार दो-धारी हमारी